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Jigyaasa

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  • ISBN13:9788189859480
  • ISBN10:818985948X
  • Publisher:Kitabghar Prakashan
  • Language:Hindi
  • Author:Bhyrappa
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Highlights

  • ISBN13:9788189859480
  • ISBN10:818985948X
  • Publisher:Kitabghar Prakashan
  • Language:Hindi
  • Author:Bhyrappa
  • Binding:Hardback
  • Pages:210
  • Edition:1
  • SUPC: SDL076729476

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Description

उत्कंठा को भड़काने वाला डॉ० भैरप्पा जी का 'जिज्ञासा' उपन्यास एक बेजोड़ रचना है। उपन्यास के आरंभ से लेकर अंत तक एक ऐसे कथा-नायक की जीवनी के प्रति जिज्ञासा बनी रहती है जो मंच पर स्वयं बिरले ही दिखाई पड़ता है। सारे उपन्यास में उस परोक्ष कथा-नायक विश्वनाथ की जीवनी के अन्वेषण का ताना-बाना यों सशक्त तकनीक से प्रस्तुत किया गया है कि जिसके माध्यम से उपन्यास के अन्य पात्र भी अपने निजी जीवन का विश्लेषण करने के लिए विवश हो जाते हैं। विश्वनाथ अपने आप में एक पहेली-सा बना हुआ, अपनी अस्मिता की खोज में भटकता हुआ और अन्य पात्रों की कुंठाओं को कुरेदते हुए आगे निकल जाता रहता है। 'जिज्ञासा' की विशेषता यह है कि विश्वनाथ की जीवनी से उलझे हुए पात्रों में स्वयं पाठक भी अपना कोई धूमिल-सा चेहरा पहचानने की चेष्टा आपने आप करने लगता है। विश्वनाथ की जीवनी के बहुमुखी झरोखे से झाँकने की उत्कंठा पाठक में बराबर बानी रहती है और उसे पहचानने की जिज्ञासा कभी शांत नहीं होती। विश्वनाथ की अस्मिता पाठक के मन पर अपना स्थायी प्रभाव छोड़े जाती है।

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