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  • ISBN13:9789390011490
  • ISBN10:9390011490
  • Publisher:Zorba Books
  • Language:Hindi
  • Author:DR DHARMENDRA KUMAR
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Highlights

  • ISBN13:9789390011490
  • ISBN10:9390011490
  • Publisher:Zorba Books
  • Language:Hindi
  • Author:DR DHARMENDRA KUMAR
  • Binding:Paperback
  • Pages:150
  • Sub Genre:Dr Dharmendra Kumar, novel in Hindi, romantic novel, hindi novel, new release
  • Edition:1
  • SUPC: SDL976642308

Other Specifications

Other Details
Country of Origin or Manufacture or Assembly India
Common or Generic Name of the commodity Romance
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Description

दुनिया में मोहब्बत की बेशुमार कहानियाँ हैं] जो कभी अपनी मंज़िलों तक नहीं पहुँचती और प्यार की अधूरी दास्तान बनकर कभी मोहब्बत करने वालों के दिलों में] तो कभी आँसुओं की स्याही बनकर] उनके अक्षरों में सुलगती रहती हैं।
बचपन की दोस्त मेघा से ज़ुदाई के बाद मोहब्बत के आलम में डूबी हुई देव की ज़िन्दगी इस व्रत के साथ बीतती है] कि यदि मेघा उसे दुबारा मिली तो वो फिर कभी मेघा को अपनी ज़िन्दगी से दूर नहीं जाने देगा। अपनी मोहब्बत की तलाश देव को चैदह वर्ष बाद मेघा से स्टाकहोम में मिलाती है और दोनों जुनून की हद तक एक दूसरे से मोहब्बत में डूब जाते हैं। अपनी मोहब्बत की मंज़िल को हासिल करने की कोशिश में संघर्ष से भरी परिस्थतियां देव और मेघा को एक ऐसे मोड़ पर ले आती हैं जहाँ उनका विवाह उनके परिवार के लिये त्रासदी बनता प्रतीत होता है। देव और मेघा की बग़ावत भरी मोहब्बत उन्हें एक ऐसे प्रश्न के सामने ला खड़ा करती है कि क्या अपने बच्चों की खुशियों के लिये त्याग करना सिर्फ माता-पिता का ही कर्तव्य हैं] जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे पिता की जिंदगी] अस्पताल में अपने बेटे का इन्तज़ार करती माँ और मेघा से अपनी असीम मोहब्बत के अन्र्तद्वन्द्व से जुनून रहा देव अपनी मोहब्बत] नियति और कर्तव्य के बीच संतुलन खोजने के लिये संघर्ष करता है।
देव और मेघा की कहानी एक ओर मोहब्बत की ज़ुनून को बयां करती है] तो दूसरी तरफ इस सोच को भी बयां करती है कि जो मोहब्बत उनकी ज़िन्दगी को खुशियों से भर देती हैं] उस मोहब्बत कर गम भी सिर्फ उन्हें ही मिलना चाहिये] न कि उनके माता-पिता को।

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